फूल, पत्ती और प्राकृतिक फलों से जैविक राखी बनाना एक सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल गतिविधि है। इसमें प्लास्टिक, सिंथेटिक सजावट और रासायनिक सामग्री की जगह प्राकृतिक एवं जैव-अवक्रमणीय सामग्री का उपयोग किया जा सकता है। 🌸 आवश्यक सामग्री सूखे फूल – गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी आदि सूखी पत्तियाँ – अशोक, नीम, पीपल आदि छोटे प्राकृतिक बीज या फल सूती धागा/मौली गोंद या प्राकृतिक चिपकाने वाला पदार्थ कार्डबोर्ड का छोटा गोल टुकड़ा सजावट के लिए सूखी घास, छोटे बीज या पंखुड़ियाँ 🌿 बनाने की विधि फूलों और पत्तियों को अच्छी तरह साफ करके छाया में पूरी तरह सुखाएँ। कार्डबोर्ड के छोटे गोल टुकड़े पर सूखे फूलों और पत्तियों को आकर्षक आकार में लगाएँ। बीच में छोटे बीज या सूखे फल लगाकर राखी का केंद्र तैयार करें। प्राकृतिक सामग्री को सुरक्षित रूप से चिपकाएँ और सूखने दें। पीछे की ओर सूती धागा या मौली बाँध दें। तैयार राखी को कुछ समय सूखने दें और फिर उपयोग करें। 🌱 पर्यावरणीय महत्व प्राकृतिक सामग्री होने से कचरा कम होता है। प्लास्टिक आधारित राखियों का बेहतर विकल्प है। स्थानीय फूल-पत्तियों और बीजों का पुनः उपयोग होता है। राखी बनाने की गतिविधि से बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ती है। उपयोग के बाद प्राकृतिक सामग्री को कम्पोस्ट में शामिल किया जा सकता है, यदि उसमें गैर-जैविक गोंद/सजावट न लगी हो। संदेश: 🌿 “प्रकृति से प्रेम का बंधन—फूल, पत्ती और बीजों से बनी जैविक राखी।”

