Kamlesh bishnoi
Kamlesh bishnoi Verified
17d agoJodhpur, Rajasthan

आज मैंने अपने गाँव में Tree & Biodiversity Survey की एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय गतिविधि की। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य अपने आसपास मौजूद पेड़ों, पौधों, पक्षियों, तितलियों, कीटों, छाया और हरियाली को ध्यान से देखना तथा यह समझना था कि हमारे गाँव की जैव विविधता कितनी महत्वपूर्ण है। अक्सर हम रोज़ पेड़ों के पास से गुजरते हैं, लेकिन उन्हें ध्यान से देखने और उनके महत्व को समझने का समय नहीं निकालते। इस सर्वे के माध्यम से मैंने अपने आसपास की प्रकृति को एक अलग नजरिए से देखने की कोशिश की। मैंने गाँव में अलग-अलग स्थानों पर मौजूद पेड़ों को देखा और उनकी जानकारी अपनी सर्वे शीट में दर्ज की। मैंने पेड़ का नाम, उसका अनुमानित आकार या उम्र, उसके आसपास दिखाई देने वाले पक्षियों की जानकारी, तितलियों या अन्य कीटों की उपस्थिति, पेड़ की छाया, आसपास की हरियाली और उस पेड़ को सुरक्षित रखने के संभावित उपायों पर ध्यान दिया। इस पूरी गतिविधि के दौरान मुझे यह महसूस हुआ कि प्रकृति हमारे जीवन का केवल एक हिस्सा नहीं है, बल्कि हमारा जीवन प्रकृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। हमारे गाँव में अलग-अलग प्रकार के पेड़ दिखाई देते हैं। कुछ पेड़ छोटे हैं, कुछ मध्यम आकार के हैं और कुछ बहुत पुराने तथा बड़े हैं। पुराने पेड़ों को देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन्होंने कई वर्षों से इस क्षेत्र के वातावरण को देखा है। उन्होंने गर्मी, बारिश, सर्दी और बदलते मौसमों को सहन किया है। ऐसे पुराने पेड़ हमारे गाँव की प्राकृतिक विरासत हैं और उन्हें सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। पेड़ों का महत्व केवल उनकी हरियाली तक सीमित नहीं है। पेड़ वातावरण में कई प्रकार से योगदान करते हैं। वे लोगों और जीवों को छाया देते हैं, पक्षियों को बैठने और कई बार घोंसला बनाने की जगह देते हैं तथा अनेक छोटे जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। कुछ पेड़ फूल और फल देते हैं, जिनका उपयोग विभिन्न पक्षी और अन्य जीव करते हैं। पेड़ों की पत्तियाँ गिरकर मिट्टी में जैविक पदार्थ जोड़ने में भी योगदान दे सकती हैं। सर्वे के दौरान मैंने पक्षियों पर भी विशेष ध्यान दिया। अलग-अलग पेड़ों पर अलग-अलग प्रकार के पक्षी दिखाई दे सकते हैं। कुछ पक्षी शाखाओं पर बैठते हैं, कुछ पेड़ों के आसपास भोजन खोजते हैं और कुछ पेड़ों की ऊँची शाखाओं का उपयोग आराम करने के लिए करते हैं। पक्षियों की उपस्थिति हमें यह समझने में मदद करती है कि कोई स्थान उनके लिए कितना उपयोगी है। मैंने तितलियों और छोटे कीटों को भी देखने की कोशिश की। फूलों वाले पौधों और हरियाली वाले स्थानों पर तितलियाँ दिखाई दे सकती हैं। तितलियाँ हमारे पर्यावरण का सुंदर हिस्सा होने के साथ-साथ प्राकृतिक प्रक्रियाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए फूलदार पौधों और स्थानीय वनस्पतियों को सुरक्षित रखना जैव विविधता के लिए उपयोगी हो सकता है। इस गतिविधि में मैंने पेड़ों की छाया को भी देखा। बड़े पेड़ों की छाया गर्म दिनों में बहुत उपयोगी होती है। पेड़ के नीचे का वातावरण आसपास की खुली जगह की तुलना में अलग महसूस हो सकता है। छाया मिट्टी और आसपास के छोटे पौधों को तेज धूप से बचाने में मदद कर सकती है। इससे मुझे समझ आया कि पेड़ हमारे गाँव के प्राकृतिक वातावरण को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मैंने यह भी देखा कि जिन स्थानों पर अधिक हरियाली होती है, वहाँ वातावरण अधिक प्राकृतिक और जीवंत दिखाई देता है। अलग-अलग प्रकार के पेड़, झाड़ियाँ और छोटे पौधे मिलकर कई जीवों के लिए अलग-अलग प्रकार की जगह बना सकते हैं। इसलिए केवल एक ही प्रकार के पौधे लगाने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल विभिन्न पौधों को सुरक्षित रखना अधिक उपयोगी हो सकता है। इस सर्वे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा यह सोचना था कि पेड़ों को सुरक्षित रखने के लिए हम क्या कर सकते हैं। सबसे पहला कदम है कि पेड़ों के आसपास कचरा न डालें। पेड़ की जड़ों के पास प्लास्टिक, बोतलें या अन्य कचरा जमा होने से आसपास का वातावरण खराब दिखाई देता है। हमें पेड़ों के आसपास की जगह को साफ रखना चाहिए और कचरे को उचित स्थान पर डालना चाहिए। दूसरा महत्वपूर्ण कदम है पेड़ों को अनावश्यक नुकसान से बचाना। स्वस्थ पेड़ों की शाखाएँ बिना जरूरत नहीं काटनी चाहिए। पेड़ की जड़ों को खोदना या नुकसान पहुँचाना भी उचित नहीं है। यदि किसी पेड़ के पास निर्माण या अन्य काम किया जा रहा हो तो उसकी जड़ों और तने की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए। नए लगाए गए पौधों की भी विशेष देखभाल जरूरी है। केवल पौधा लगा देना पर्याप्त नहीं होता। पौधे को नियमित रूप से पानी, सुरक्षा और उचित स्थान की आवश्यकता होती है। छोटे पौधों को पशुओं से बचाने के लिए उचित व्यवस्था की जा सकती है। पौधे के आसपास अनावश्यक कचरा नहीं होना चाहिए और उसकी वृद्धि पर समय-समय पर ध्यान देना चाहिए। इस गतिविधि से मुझे यह भी सीख मिली कि पर्यावरण संरक्षण केवल बड़े अभियानों से नहीं होता। छोटे-छोटे काम भी महत्वपूर्ण होते हैं। किसी पेड़ की पहचान करना, उसकी जानकारी लिखना, उसके आसपास कचरा न डालना, पक्षियों को परेशान न करना, पौधों को सुरक्षित रखना और दूसरों को पर्यावरण के बारे में जागरूक करना भी प्रकृति की सेवा है। Tree & Biodiversity Survey ने मुझे अपने गाँव को पहले से अधिक ध्यान से देखने का अवसर दिया। पहले जिन पेड़ों को मैं केवल रास्ते में देखता था, अब उनके बारे में सोचने लगा कि उनका नाम क्या है, वे कितने पुराने हो सकते हैं, उनके आसपास कौन से जीव रहते हैं और उनका संरक्षण कैसे किया जा सक☘️ता है। यह गतिविधि विद्यार्थियों के लिए भी बहुत उपयोगी है क्योंकि इससे किताबों में पढ़ी हुई पर्यावरण संबंधी जानकारी को वास्तविक जीवन से जोड़ने का अवसर मिलता है। जब हम स्वयं किसी पेड़ को देखते हैं, उसकी छाया महसूस करते हैं, उसके आसपास पक्षियों को देखते हैं और उसकी जानकारी लिख🪴ते हैं, तब पर्यावरण🌻 संरक्षण का महत्व अधिक अच्छी तरह समझ आता है। ☘️🍀🌱☘️🌵🌴🌳🌵

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