Dr. Amitbodh Upadhyaya
Dr. Amitbodh UpadhyayaVerified
1mo agoAnand Nagar, Bhopal, Madhya Pradesh

बीजारोपण/पौधारोपण: हमने एलएनसीटी समूह , भोपाल ( मप्र) में वृक्षारोपण अभियान जारी रखा है, इसका शुभारंभ 5 जून 2026 को अमिताभ श्रीवास्तव भाई साहब - सदस्य जन अभियान परिषद, डा. अनुपम चौकसे सचिव एलएनसीटी समूह, भोपाल, डा अशोक राय डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एलएनसीटी, प्रो .( डा.) अमितबोध उपाध्याय, संयोजक क्वेस्ट नेचर क्लब एलएनसीटी समूह ( में स्वयं) शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति में हुआ था, यह अभी भी निरंतर जारी है, अभी तक 9 बार हो चुका है। जल संरक्षण: हमने एलएनसीटी समूह की क्लासेस ( कक्षाओं में) जल संरक्षण कैसे करें यह बताते हुए शपथ दिलवाई जैव विविधता - जैव संरक्षण: अपनी संस्था में और घरों पर सकोरे रखें हैं, दाना पानी की नित्य व्यवस्था की जाती हैं स्वच्छता अभियान: पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के अंतर्गत भोपाल के केरवा जलाशय के तट की सफाई की पहाड़ी पर वृक्षारोपण; पर्यावरण संरक्षण गतिविधि में बैरागढ़ के निकट पहाड़ी पर वृक्षारोपण में भाग लिया ऊर्जा बचत: बिजली की बचत हेतु विद्यार्थियों को शपथ दिलाई साथ ही बिजली बचत के तरीके बताए सेमिनार/ कार्यशाला: पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता का संदेश देने हेतु समय समय पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिसमें विषय के जानकार आमंत्रित किए गए ज्ञान वर्धन: SWAYAM - NPTEL प्लेटफॉर्म से पर्यावरण विषय पर शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा ऑनलाइन सर्टिफिकेशन किए जा रहे हैं समाचार पत्र में लेख : विश्व पर्यावरण दिवस एवं पर्यावरणीय दिनों में जन सामान्य को जागरूक करने हेतु लेख लिखे जा रहे हैं, प्रो (डा.) अमितबोध उपाध्याय द्वारा पर्यावरण रैली : हमारा क्लब WWF से रजिस्टर्ड है, इनके साथ EAETH HOUR पर पर्यावरण संरक्षण रेली निकाली गई साइकिलिंग: कार्बन उत्सर्जन को कम करने के उद्येश्य से WWF के साथ साइक्लिंग रैली निकाली गई एवं साइक्लिंग क्लब की स्थापना की गई है ऑर्गेनिक मेन्यूर: इस हेतु एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के सहयोग से मेस्ट्रक्चर तैयार किया गया है , जिसमें खाद्य तैयार की जाती है सोलर एनर्जी: संस्था ने सोलर पैनल इंस्टॉल किए गए हैं रूफ वाटर हार्वेस्टिंग: जल संरक्षण हेतु यह हमने अपनी संस्था में व्यवस्था की है ई रिक्शा: संस्था में ई रिक्शा का उपयोग किया जा रहा है सृष्टि टेकफेस्ट: यह टेक फैस्ट आयोजित किया जाता है, जिसकी थीम प्रत्यक्ष/ अप्रत्यक्ष रूप से सस्टेनेबल डेवलपमेंट, प्रकृति संरक्षण, जागरूकता रहती है प्रतियोगिता: निरंतर पर्यावरणीय निबंध, क्विज, भाषण, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन राइटिंग, समूह चर्चा ऑर्गेनाइज की जाती है सिंगल यूज प्लास्टिक जागरूकता: कैंटीन में मिट्टी के कुल्हड़ का उपयोग किया जाता है, टीचर्स - स्टूडेंट्स को जूट, कपड़े के बैग का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाता है। पुराने न्यूज पेपर लाइब्रेरी से लेकर पेपर बैग कार्यशाला आयोजित की जाती है और मार्केट में जाकर वितरित की गई, और जन अभियान चलाया

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