Anurag Tiwari
Anurag Tiwari
1mo agoKheri, Uttar Pradesh

लखीमपुर खीरी में उल्ल नदी का कायाकल्प: पूर्णिमा महाआरती और स्वच्छता अभियान से मिली नदी को नई पहचान ​लखीमपुर खीरी | ‘पर्यावरण गतिविधि एवं जल संरक्षण’ अभियान के अंतर्गत लखीमपुर के सेठ घाट पर उल्ल नदी के पुनर्जीवन हेतु आयोजित मासिक पूर्णिमा महाआरती का आयोजन अत्यंत भव्य, धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। ​इस आयोजन के मुख्य अतिथि एवं सदर विधायक योगेश वर्मा और ‘पर्यावरण संरक्षण गतिविधि’ के जिला संयोजक अनुराग जी के विशेष प्रयासों ने इस कार्यक्रम को समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत बना दिया है। प्रत्येक पूर्णिमा को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में इस बार भी बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों, पर्यावरण प्रेमियों और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ​नदी स्वच्छता का संकल्प: स्वयं विधायक ने उठाई सफाई की कमान इस आयोजन का सबसे प्रेरणादायक पहलू उल्ल नदी की स्वच्छता रहा। सदर विधायक योगेश वर्मा ने स्वयं सक्रिय भागीदारी निभाते हुए नदी की सफाई की, जिससे उपस्थित जनसमुदाय में स्वच्छता के प्रति एक मजबूत संदेश गया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ इरा जी, अवधेश जी, शिव प्रकाश जी, रूपाली जी, अनिकेत जी, राजेश जी, आचार्य संजय जी, आचार्य अनूप जी, अश्विनी जी, मृगांक जी आदि उपस्थित लोगों ने उनके इस सेवा भाव ने न केवल स्थानीय लोगों को प्रेरित किया, बल्कि यह साबित किया कि जन-प्रतिनिधि के संकल्प से नदी को प्रदूषण मुक्त करना संभव है। आज उल्ल नदी पहले की तुलना में कहीं अधिक स्वच्छ और निर्मल दिखाई दे रही है, जो इस पर्यावरण संरक्षण अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि है। ​भजन संध्या से गूंज उठा सेठ घाट महाआरती के उपरांत आयोजित सुंदर भजन संध्या ने उपस्थित जनसमूह को भक्तिभाव से ओत-प्रोत कर दिया। घाट पर जलती हुई दीपों की श्रृंखला और मधुर भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आयोजकों ने बताया कि यह प्रयास केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य उल्ल नदी के संरक्षण और इसके प्रति जन-जागरूकता को निरंतर बनाए रखना है। ​आयोजकों ने इस सफलता का श्रेय समाज के प्रत्येक उस नागरिक को दिया है, जिन्होंने नदी की स्वच्छता को अपना व्यक्तिगत उत्तरदायित्व समझा है। आने वाले समय में इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने का संकल्प लिया गया है। ​जारीकर्ता: पर्यावरण संरक्षण गतिविधि एवं जल संरक्षण टीम, लखीमपुर खीरी

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