Rameshwari Patel
Rameshwari PatelVerified
3mo ago

*आदर्श विद्या मंदिर, लंगेरा गांव बाड़मेर जिला, जोधपुर प्रान्त* में 22 मई से 6 जून तक चलने वाले "संघ शिक्षा वर्ग - शालेय विद्यार्थी" का उद्घाटन पर्यावरण प्रदर्शनी के साथ किया गया । वर्ग में शिक्षार्थी संख्या 317, शिक्षक संख्या 60 और प्रबंधक 60। वर्ग पर्यावरण पूरक रहे इस हेतु निम्न कार्य वर्ग में हुए। 1. पूर्व तैयारी में 15 दिवस के रसोई के कचरे से खाद बनाने हेतु *कम्पोस्टिंग खड्डा* खुदवाया गया। वर्ग में उपयोग होने वाले सभी फलों के बीज एकत्र किए गए यथा - आमरस बनाकर आम की गुठली, इमली का शर्बत बनाकर इमली के बीज आदि 2. भोजन पश्चात *बर्तन साफ करने हेतु मिट्टी* डलवाई गयी। पास में तार पर कपड़े बांधे गए ताकि बर्तन मिट्टी से साफ करने के पश्चात कपड़े से साफ कर सके। 3. वर्ग से एक माह पूर्व आस पास के स्थानों पर *बबूल उन्मूलन अभियान* चलाकर लकड़ियां एकत्र की गई और भोजन बनाने हेतु उसी ईंधन का उपयोग किया गया। 4. बाजार से रसोई का सामान लाने हेतु *पॉलीथिन के स्थान पर बड़े बड़े कपड़े के थैलों का उपयोग* किया गया। जो पॉलीथिन पैकिंग में आ रहा उसको *इको ब्रिक* हेतु एकत्र किया जा रहा है। अंतिम दिन शिक्षार्थियों के समक्ष सामूहिक सत्र में इको ब्रिक बनाई जाएगी। 5. पूरे वर्ग में कहीं भी *प्लास्टिक बैनर का उपयोग नही* किया गया। *जूट की बोरी* पर संदेश लिख कर विभिन्न स्थानों पर लगाये गए। 6. पर्यावरण प्रदर्शनी में जल, जंगल, जमीन, जीव, जन अर्थात 5 ज संरक्षण से संबंधित *पोस्टर तथा साहित्य* रखा गया। स्थानीय वनस्पतियों के *बीजों की प्रदर्शनी* लगाई गई। 7. वर्ग के प्रथम दिवस प्रातः संघ स्थान के पश्चात शिक्षार्थियों से बीजारोपण करवाया गया। *बीजारोपण करने हेतु पॉलीथिन के स्थान पर नारियल के खोल का उपयोग* किया गया। जिन्हें अलग अलग क्यारियों में व्यवस्थित किया गया। नारियल की 6 क्यारियों में पानी देने का कार्य 6 वाहिनी में विभाजित किया गया। 8. 22 मई, प्रथम दिवस संघ स्थान के पश्चात सभी शिक्षार्थियों तथा प्रबंधकों से बीजारोपण करवाया गया। सायं संघ स्थान के पश्चात शिक्षकों से बीजारोपण करवाया गया। 9. उद्घाटन सत्र में संत जगरामपुरी जी द्वारा नारियल के खोल में तुलसी जी के बीजों का *बीजारोपण करवाया* गया तथा विद्यालय परिसर में परिंडे लगाए गए। वर्ग में प्रवासी कार्यकर्ताओं तथा नित्य वर्ग दर्शन हेतु आने वाले आगंतुकों से भी नारियल के खोल में इस संदेश के साथ बीजारोपण करवाया जा रहा है कि वो अपने *घर मे बीज एकत्र कर बीजारोपण* करें। 29 मई तक लगभग 600 आगंतुकों द्वारा बीजारोपण हुआ इसमें मातृशक्ति, प्रबुद्ध जन, चिकित्सक, अभियंता तथा गोशाला संचालक रहे। 10. 26 मई, मा. सुरेश जी सोनी (अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य) तथा प्रान्त प्रचारक आ. विजय आनंद जी के साथ शिक्षकों से सघन वन लगवाया गया। 11. कुल *5000 नारियल में बीजारोपण तथा 600 पौधों के सघन वन के अतिरिक्त 500 गोबर के गमलों में तुलसी के बीजों का बीजारोपण* किया गया। इन गमलों का वितरण लंगेरा गांव के घरों में किया जाएगा। *इतने वृहद स्तर पर बीजारोपण हेतु गतिविधि के कार्यकर्ताओं ने एक माह पूर्व बीज एकत्र किए। सघन वन हेतु 600 पौधे भैराराम जी (पारिवारिक वानिकी फाउंडेशन), नरपत सिंह जी (महादेव नर्सरी), केयर्न एंड वेदान्ता समूह द्वारा निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए। भारत विकास परिषद द्वारा परिंडे निःशुल्क उपलब्ध करवाए गए। महंत प्रतापपुरी जी की मोहन गोशाला, दांता द्वारा सघन वन हेतु 5 ट्रॉली खाद तथा पानी के टैंकर की व्यवस्था निःशुल्क की गई।* एक प्रकल्प एक संकल्प में प्रत्येक खण्ड पर एक गांव आदर्श गांव की दृष्टि से लिया गया है। बाड़मेर जिले के बाड़मेर खण्ड में लंगेरा गांव लिया गया है। पांच हजार नारियल की देखरेख अगस्त तक विद्यालय परिवार के पास रहेगी। प्रकृति वंदन उत्सव में इन नारियल को गांव वालों के साथ मिलकर लंगेरा गांव के तालाब के चारों ओर सघन वन लगाया जाएगा।

वर्ग में पर्यावरण दर्शन-1.pdf

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