
गुरु घसीदास विश्वविद्यालय में मनाया गया वेटलैंड दिवस
गुरु घसीदास विश्वविद्यालय में मनाया गया वेटलैंड दिवस फ़रवरी के प्रथम सप्ताह मे गुरु घसीदास विश्वविद्यालय एवं अचानकमार बायोस्फीयर रिजर्व के संयुक्ततत्वाधान में वर्ल्ड वेटलैंड दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम को गुरु घसीदास विश्वविद्यालय के ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग में संपन्न किया गया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्यावरण गतिविधि के प्रांत संयोजक श्रीमान अक्षय अलकरी जी उपस्थित रहे उन्होंने बताया कि पेड़, पानी एवं पॉलीथिन का उचित उपयोग से हम पर्यावरण को बचा सकते हैं और वेटलैंड को बचाने की दिशा में प्रयास करने का यही मार्ग मूल रूप से अपनाने लायक है, इस कार्यक्रम में मुख्यवक्ता के रूप में प्रोफेसर ए के दीक्षित जी भी शामिल हुए, जो कि नेशनल वेटलैंड बोर्ड के सदस्य है, जो कि वर्तमान में गुरु घसीदास विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने बताया की वेट लैंड दिवस पर सभी लोगों को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम पर्यावरण के कर्ज को एक पेड़ लगाकर एवं अपने पूर्वजों के द्वारा कांटे के वर्षों के बदले भी वृक्ष लगाकर चुकाया जा सकता है और ऐसा सभी को करना चाहिए। इस कार्यक्रम में ग्रामीण प्रौद्योगिकी के विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर राजेंद्र मेहता भी उपस्थित रहे उन्होंने बताया कि वेट लैंड को बचाने के लिए वेटलैंड के आसपास मिलने वाले सूक्ष्मजीवों को भी बचाने की आवश्यकता है वेटलैंड के निर्माण में हमें उनकी भूमिका को नहीं भूलना चाहिए। कार्यक्रम में राजेंद्र सोरी जी, अधीक्षक कानून पंडरी अचानक मार्ग भी उपस्थित रहे उन्होंने कहा की वेटलैंड पर हो रहे अतिक्रमण पर भी ध्यान देना चाहिए। इस कार्यक्रम में स्टेट वेटलैंड बोर्ड के को ऑप्ट मेंबर डॉक्टर प्रसून सोनी की उपस्थित रहे। उन्होंने बताया की सैटेलाइट इमेज के अध्ययन से वेटलैंड के संरक्षण की दिशा में अनेक प्रयास किया जा सकते हैं कार्यक्रम में 100 से अधिक छात्र एवं ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग समस्त शिक्षक भी उपस्थित रहे प्रोफेसर पुष्पराज सिंह ने आभार में वहां पर उपस्थित समस्त लोगों का आभार प्रदर्शन किया एवं अपना अनुभव साझा करते हुए बताया की वृक्ष लगाने से उनके जीवन में क्या सकारात्मक परिवर्तन आए हैं और हमें वृक्ष क्यों लगाना चाहिए
