Shailendra
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7mo ago

जलकुंभी उन्मूलन का एक अद्भुत प्रयोग

जलकुंभी उन्मूलन का एक अद्भुत प्रयोग जलकुंभी जल प्रदूषण का पर्याय बन चुका है यह जिस तालाब नदी या बांध में पनपता है उसका लगभग 40 से 70% ऑक्सीजन सोख लेता है।जलकुंभी बहुत ही जल्दी तालाब को ढक लेता है इसके कारण मछलियां, जल के जीव जंतु मरने के कगार पर आ जाते हैं, जलकुंभी रात्रि में सांस लेते समय ऑक्सीजन का उपयोग करती है, पानी के सतह पर मोटी परत बना देने के कारण पानी में धूप नहीं जा पाता इस कारण पानी में ऑक्सीजन निर्माण नहीं हो पता जब यह सुख कर सड़ने लगता है तब उसे गलाने के लिए बैक्टीरिया ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं जिस कारण पानी में से ऑक्सीजन कम होने लगता है जलकुंभी से अनेकों नुकसान होते हैं परंतु यदि इस जलकुंभी का उन्मूलन सही ढंग से किया जाए तो यह मानव उपयोगी भी हो सकता है, खाद बनाने, बायोगैस बनाने आदि में भी इनका उपयोग होता है। कोरबा (चारपारा बस्ती) के निरान्जलि स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा जलकुंभी से उपयोगी उत्पाद बनाकर उसका विक्रय किया जा रहा है, समूह की लगभग 60 महिलाओं द्वारा एनटीपीसी के सी एस आर सामुदायिक सरोकार पार्टनर "स्वच्छता पुकार जमशेदपुर" के मार्गदर्शन में तालाबों और बांध में फैले हुए जलकुंभी को निकाल कर कागज, डायरी कवर, फाइल कवर, लैंप, पेन स्टैंड आदि अनेकों जन उपयोगी सामान का निर्माण किया जा रहा है, स्व सहायता समूह की सचिव ने चर्चा के दौरान बताया कि हमारे स्व सहायता समूह की महिलाएं स्वयं जलकुंभी को निकाल कर लाती हैं उनका डंडियों को काटकर सूखने के पश्चात प्रोसेसिंग कर उसका कागज बनाते हैं कागज बनने के पश्चात उसका प्रयोग डायरी कवर फाइल कवर लैंप आदि में लगते हैं।स्वच्छता पुकार के कोरबा के प्रोजेक्ट मैनेजर कौशिक मंडल एवं कोऑर्डिनेटर विद्या कुर्रे के देखरेख / मार्गदर्शन में यह समूह कार्य कर रहा है।संस्था ने उक्त समूह के महिलाओं को पहले प्रशिक्षण दिया उसके बाद में कार्य प्रारंभ कराया गया।आज पर्यंत लगभग 60000 के उत्पाद स्वच्छता समूह की महिलाओं द्वारा विक्रय किया जा चुका है इनका उत्पादन पूरी तरह से इको फ्रेंडली है अभी सभी कार्य मैन्युअल किया जा रहा है आगे में मशीन लगाने की योजना है।

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