Shailendra
ShailendraModerator
11mo ago

आवश्यकता है पर्यावरण संरक्षण कीl कविता

आवश्यकता है पर्यावरण संरक्षण कीl आवश्यकता है भविष्य के रक्षण कीll इतनी बड़ी दुनिया में मात्र थोड़ा सा ही शुद्ध जल है, परंतु उस जल के एक तिहाई पर निर्भर ही हमारा कल हैl सतत प्रवाहित हमारी नदिया अपना अस्तित्व अब ढूंढ रहीl मनुष्य के शहरीकरण से अपने मूल स्वरूप को बदल रही, पानी की बोतल खरीदने वाले क्या बात समझेंगे जल जीवन की, आवश्यकता है पर्यावरण संरक्षण कीl आवश्यकता है भविष्य के रक्षण कीll अगर पेड़ ना हो तो प्राण वायु कहां, अगर पेड़ ना हो तो फल-फूल कहां l मिट्टी के क्षरण से बाढ और तबाही है, वृक्ष संरक्षण की बात अब किताबों के पन्नों में समाई हैl कोरोना के समय हमने देखा महत्व प्राण वायु के एक-एक कण कीl आवश्यकता है पर्यावरण संरक्षण कीl आवश्यकता है भविष्य के रक्षण कीll धरती का ताप अब दिन प्रतिदिन बढ़ रहा, मिट्टी से बना हुआ संसार अब मिट्टी के बाजार खोल रहा| माता कहलाने वाली धरती कचरे के ढेर में बदल रही, प्लास्टिक से हर चीज बनती प्लास्टिक हि धरती घेर रहीl परफ्यूम की बोतल में आने लगी है अब खुशबू सोंधी मिट्टी के कण कीl आवश्यकता है पर्यावरण संरक्षण कीl आवश्यकता है भविष्य के रक्षण कीll शशांक शेंडे

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