"बोनसाई" पेड़ों का वामन अवतार
मेरठ के सुप्रसिद्ध सर्जन डॉ. शांति स्वरूप शर्मा एवं उनके सुपुत्र कनिष्क आत्रेय द्वारा बोनसाई की अद्भुत बगिया डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने घर पर तैयार की गई है। डॉ. शांति स्वरूप विश्व के वरिष्ठतम बोन्साई प्रेमियों में से एक हैं, एवं दुर्लभ प्रजातियों के वृक्षों को बचाए रखे हैं। उनकी बगिया में रेगिस्तान से लेकर हिमालय में पाए जाने वाले दुर्लभ वृक्षों को बड़े करीने से सँजोया गया है। देश विदेश से लोग उनका यह कलेक्शन देखने आते हैं। ऋतु अनुसार फल जैसे चीकू, बेर, अमरूद, आड़ू इत्यादि इन छोटे पेड़ों पर भरपूर मात्र में आते हैं। 40 साल का बागुनवेलिया, 30 साल का चीकू, 15 साल का कृष्ण बरगद, 20 साल का खिरनी आदि बड़ी कुशलता से संजोए गए हैं। वह अपनी इस कला को निःशुल्क सिखा भी रहे हैं एवं दुर्लभ प्रजाति के पेड़ों को अपनी नर्सरी के माध्यम से बहुत कम क़ीमत पर उपलब्ध करा रहे हैं। उनकी इस बगिया में चहचहाते पक्षी भी सुनाई पड़े तो एक फिश पौंड भी दिखा जिसके अंदर असली जलीय पौधे लगे थे एवं उनके सुपुत्र कनिष्क (बीटेक, आईआईएम करने के बाद नर्सरी व्यवसायी) के अनुसार इन पौधों की उम्र लगभग 25 साल से ऊपर है।
