कचरे और कबाड़ से कर दिया कमाल
मेरठ महानगर के पॉश कॉलोनी साकेत के व्यवसायी परिवार की ग्रहणी श्रीमती सोनल गोयल अपने घर से किसी प्रकार कि कबाड़ अथवा कचरा ना तो फेंकती है और ना ही बेचती हैं। कचरा जैसे अखरोट या पिस्ता के छिलके, बेर, शरीफा, खजूर आदि के बीज, पुरानी सीडी/डीवीडी, टिश्यू पेपर या प्लास्टिक टेप के ख़ाली कोर पाइप, गुलदस्तों के सूखे फूल, ख़ाली जार अथवा बोतल इत्यादि का इस्तेमाल कर कुछ ना कुछ गिफ्ट आइटम बना लेती हैं। प्रयागराज में जन्मीं एवं पली बढ़ी सोनल गोयल जी ने बताया बचपन से ही उन्हें पर्यावरण के प्रति कुछ अलग करने की रुचि थी, प्रारंभिक शिक्षा के दौरान आर्ट्स एवं क्राफ़्ट्स में उनको सबसे ज़्यादा नंबर मिला करते थे। उन्होंने बताया कि अपने बनाए सभी गिफ्ट्स वह विभिन्न अवसरों पर विभिन्न लोगों को उपहार स्वरूप भेंट कर दिया करती हैं। अपने इस शौक़ को सामाजिक प्रेरणा बनाने के लिए जल्द कॉरुगेटेड बॉक्स बनाने वाली अपनी फैक्ट्री में काम करने वाले कामगारों की महिलाओं को यह कला सिखा कर उनके लिए एक अलग रोज़गार का ज़रिया तैयार करेंगी एवं इन गिफ्ट आइटम्स को बहुत कम दामों पर बेचने का नेटवर्क तैयार करेंगी।
