पर्यावरण के सजग प्रहरी
नागौर जिले के मेड़ता गांव के श्रीमान रामचंद्र पर्यावरण को समर्पित है। इनके द्वारा अब तक राजस्थान के विभिन्न जिलों में लगभग 750 विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण के लिए उद्बोधन तथा इको ब्रिक्स प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अपने जिले के विद्यालयों के मैदानों में रसोई गार्डन विकसित करवाए जिसमें से रसोई गार्डन के लिए विद्यालय जिलास्तर पर सम्मानित हुए। तन मन धन से समर्पित पिचकिया ने अपनी पांच एकड़ भूमि पर फलदार पेड़ केवल मूक प्राणियों के लिए विकसित किये। अपने घर मे आने वाले प्रत्येक अतिथि तथा गांव में प्रत्येक नव दम्पति से इस भूमि पर पौधरोपण करवाते है। गाँव-गाँव जाकर पकी हुयी कद्दू लौकियों से प्राकृतिक घोसले बनाने का प्रशिक्षण देकर लोगों को मूक प्राणियों की सेवा के लिए जागरूक करते है। पर्यावरण से जुड़े विभिन्न दिवस पर सामाजिक समरसता को परिपूर्ण करते हुए सर्व समाज को एकत्र कर पौधारोपण का कार्य करते है. ग्रीष्म ऋतु में दूर दराज के गाँवों तक हर पेड़ पर परिंडे लगाकर लोगों को जागरूक करते है। वर्तमान में पर्यावरण संरक्षण के संकल्प में लगभग एक हजार परिवार इनसे जुड़े हुए पर्यावरण हितार्थ कार्य कर रहे है।
